कंधों पर सामान, हाथों में साज और दिल में बाबा केदार की आस्था, 800 KM पैदल निकले आगरा के तीन दोस्त
कंधों पर जरूरी सामान, साथ में संगीत के साज और मन में बाबा केदार के दर्शन की गहरी आस्था। आगरा के तीन दोस्त करीब 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर केदारनाथ धाम के लिए निकले हैं। इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि तीनों ने अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की है। उनका कहना है कि सफर मंजिल से ज्यादा अनुभव और संकल्प का है।
आगरा के अशोक नगर निवासी 32 वर्षीय हेमंत शर्मा पेशे से म्यूजिशियन हैं। उनके साथ 23 वर्षीय विनय शर्मा, जो इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर हैं, और 25 वर्षीय कर्ण राजावत, जो बैचलर ऑफ साइंस कर चुके हैं, इस यात्रा पर निकले हैं। तीनों ने 20 अगस्त को आगरा से पैदल यात्रा शुरू की थी और बुधवार को श्रीनगर पहुंचे।
रास्ते में संगीत, फिर आगे बढ़ते हैं कदम
श्रीनगर पहुंचने के बाद कुछ समय रुककर तीनों ने केदारनाथ की ओर अपना सफर फिर शुरू कर दिया। यात्रा के दौरान वे अपने साथ संगीत के साज भी लेकर चल रहे हैं। रास्ते में जब भी उन्हें कोई खूबसूरत या खुशनुमा जगह मिलती है, वे कुछ देर रुकते हैं, संगीत की धुन छेड़ते हैं और माहौल का आनंद लेने के बाद दोबारा अपनी मंजिल की ओर बढ़ जाते हैं।
स्थानीय लोग भी कर रहे मदद
तीनों युवाओं के मुताबिक, यात्रा के दौरान रास्ते में स्थानीय लोगों का भी खूब सहयोग मिल रहा है। कई जगह लोग उनके लिए भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था कर देते हैं। इस मदद से उनका उत्साह और बढ़ रहा है।
पैदल यात्रा के पीछे सिर्फ आस्था नहीं, एक संदेश भी
तीनों दोस्तों का कहना है कि इस यात्रा के पीछे बाबा केदार के प्रति आस्था तो है ही, साथ ही वे समाज को एक संदेश भी देना चाहते हैं। उनका मानना है कि किसी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर सुविधा या संसाधन का उपलब्ध होना जरूरी नहीं है।
अगर मन में किसी लक्ष्य को पाने का दृढ़ संकल्प हो और हौसला मजबूत हो, तो सीमित साधनों के बावजूद कठिन से कठिन सफर पूरा किया जा सकता है। इसी सोच के साथ तीनों दोस्त बिना किसी समय सीमा के कदम-दर-कदम केदारनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं।
