Uttarakhand

हरिद्वार के बुग्गावाला में लग सकता है उत्तराखंड का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट

उत्तराखंड में पहले न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना को लेकर गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं। पहले यह महत्वाकांक्षी परियोजना उधम सिंह नगर में प्रस्तावित थी, लेकिन जमीन के बीच से गुजर रहे रेलवे ट्रैक के कारण न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) ने तकनीकी आधार पर इसे अस्वीकार कर दिया।

अब राज्य सरकार की नजर हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र पर है, जहां लगभग 300 एकड़ भूमि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। भूमि चयन के बाद NPCIL की विशेषज्ञ टीम तकनीकी मानकों के आधार पर परीक्षण करेगी और केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सुझाव के बाद गति पकड़ चुकी है, जिसमें प्रत्येक राज्य को परमाणु ऊर्जा की संभावनाएं तलाशने की बात कही गई थी।

रियल एस्टेट पर असर

बुग्गावाला क्षेत्र पहले ही निवेश का केंद्र बन चुका है। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यहां जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यदि न्यूक्लियर प्लांट की घोषणा होती है, तो भूमि मूल्यों में और उछाल आने की संभावना जताई जा रही है।

क्या उत्तराखंड बनेगा पावर सरप्लस?

प्रस्तावित संयंत्र से 1000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन की उम्मीद है। वर्तमान में राज्य की पीक बिजली मांग करीब 2700 मेगावाट है। ऐसे में यह परियोजना न केवल राज्य की जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली अन्य राज्यों को आपूर्ति करने की दिशा में भी अहम कदम साबित हो सकती है।

राज्य सरकार अब भूमि चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है। केंद्र की मंजूरी के बाद ही इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *